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Ahmad Faraz - उसने कहा सुन

उसने कहा सुन 
अहद निभाने की ख़ातिर मत आना 
अहद निभानेवाले अक्सर मजबूरी या 
महजूरी की थकन से लौटा करते हैं 
तुम जाओ और दरिया-दरिया प्यास बुझाओ
जिन आँखों में डूबो 
जिस दिल में भी उतरो 
मेरी तलब आवाज़ न देगी 
लेकिन जब मेरी चाहत और मेरी ख़्वाहिश की लौ 
इतनी तेज़ और इतनी ऊँची हो जाये 
जब दिल रो दे 
तब लौट आना

Ashq Shayari Dil Shayari

Posted In : Ahmad Faraz

17-Jul-2017
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