Bootstrap Image Preview

Parveen Shakir - Ab Bhala Chod Ke Ghar Kya Karte

अब भला छोड़ के घर क्या करते 

शाम के वक़्त सफ़र क्या करते 

-----------------*------------------

तेरी मसरूफ़ियतें जानते हैं 

अपने आने की ख़बर क्या करते 

-----------------*------------------

जब सितारे ही नहीं मिल पाए 

ले के हम शम्स-ओ-क़मर क्या करते 

-----------------*------------------

वो मुसाफ़िर ही खुली धूप का था 

साए फैला के शजर क्या करते 

-----------------*------------------

ख़ाक ही अव्वल ओ आख़िर ठहरी 

कर के ज़र्रे को गुहर क्या करते 

-----------------*------------------

राय पहले से बना ली तू ने 

दिल में अब हम तिरे घर क्या करते 

-----------------*------------------

इश्क़ ने सारे सलीक़े बख़्शे 

हुस्न से कस्ब-ए-हुनर क्या करते 

-----------------*------------------

Love Shayari Dil Shayari Yaad Shayari

Posted In : Parveen Shakir

16-Jul-2017
290 views

0 Comments